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MGSU में छात्रों का भारी आक्रोश/रिजल्ट में धांधली और 'लूट' के खिलाफ कुलपति कार्यालय का घेराव

 BBT Times, बीकानेर


 

बीकानेर। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (MGSU) में परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी और पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) के नाम पर अवैध वसूली के आरोपों को लेकर छात्र राजनीति गरमा गई है। छात्र नेता राकेश गोदारा के नेतृत्व में सैकड़ों विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रमुख आरोप "रिजल्ट नहीं, ये छात्रों के साथ मजाक है"

प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने हाल ही में जारी किए गए परिणामों में भारी लापरवाही बरती है। छात्रों ने निम्नलिखित गंभीर मुद्दे उठाए हैं:

  • परिणामों में गड़बड़ी: बड़ी संख्या में छात्रों को ऐसे विषयों में फेल कर दिया गया है या शून्य अंक दिए गए हैं, जिनमें उनकी तैयारी अच्छी थी।

  • रिवोल्यूशन के नाम पर लूट: छात्रों का कहना है कि रिजल्ट खराब कर उन्हें जानबूझकर 'पुनर्मूल्यांकन' (Revaluation) के लिए मजबूर किया जा रहा है। एक-एक पेपर की रिवोल्यूशन फीस और पोर्टल चार्ज के नाम पर छात्रों से मोटी रकम वसूली जा रही है, जिसे छात्रों ने 'सुनियोजित लूट' करार दिया है।

कुलपति की अनुपस्थिति पर भड़के छात्र

आक्रोश तब और बढ़ गया जब पूर्व सूचना के बावजूद कुलपति (VC) छात्रों से ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे। छात्र नेता राकेश गोदारा ने बताया कि कुलपति को पहले ही आने की सूचना दे दी गई थी, लेकिन वे छात्रों का सामना करने के बजाय परिसर से निकल गए।

छात्रों ने इसे विश्वविद्यालय प्रशासन की संवेदनहीनता और तानाशाही बताया। विद्यार्थियों का कहना है कि जब हम अपनी समस्याओं को लेकर आते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं।

भूख हड़ताल की चेतावनी

छात्र नेता राकेश गोदारा ने कड़े लहजे में प्रशासन को चेतावनी दी है कि वे अब पीछे हटने वाले नहीं हैं। गोदारा ने घोषणा की:

"अगर कुलपति जल्द ही हमारी मांगें नहीं मानते और रिजल्ट की त्रुटियों को दूर नहीं किया जाता, तो हम विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। इसकी समस्त जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।"

छात्रों की मुख्य मांगें:

  1. परीक्षा परिणामों की दोबारा पारदर्शी तरीके से जांच की जाए।

  2. पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) की फीस को तुरंत कम किया जाए।

  3. तकनीकी खामियों के कारण जिन छात्रों के अंक कटे हैं, उन्हें बोनस अंक या सुधार का मौका दिया जाए।

ताजा स्थिति: खबर लिखे जाने तक छात्र विश्वविद्यालय परिसर में डटे हुए थे। पुलिस बल भी मौके पर तैनात है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।

 

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