BBT Times, बीकानेर

बीकानेर, 22 अप्रैल। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर बीकानेर और देशनोक क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। गायत्री शक्तिपीठ, बीकानेर में विशेष हवन का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने पर्यावरण बचाने का संकल्प लेते हुए पॉलिथीन का उपयोग नहीं करने और खरीदारी के समय कपड़े का थैला साथ रखने की प्रतिज्ञा की।
इस अवसर पर प्रसिद्ध पर्यावरणविद्, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता एवं पूर्व उपाचार्य डूंगर महाविद्यालय के प्रोफेसर (वनस्पति शास्त्र) डॉ. एन. बी. सक्सेना की 11वीं पुण्यतिथि भी मनाई गई। उनके परिवारजनों द्वारा पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और जीवों की रक्षा के उद्देश्य से बीकानेर से देशनोक तक कई जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम लगातार जारी रखने का संकल्प लि
या गया।
राजकीय महाविद्यालय, देशनोक में एमए भूगोल के विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां डॉ. सोनाली सक्सेना ने गायत्री शक्तिपीठ द्वारा तैयार किए गए पर्यावरण-अनुकूल बैग विद्यार्थियों को उपहार स्वरूप प्रदान किए। इस दौरान विद्यार्थियों को पॉलिथीन का उपयोग न करने, बिजली-पानी जैसे संसाधनों का सदुपयोग करने और उन्हें व्यर्थ न जाने देने की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में महाविद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। प्राचार्य व इंचार्ज ने विद्यार्थियों और स्टाफ को संबोधित करते हुए पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। वहीं, श्रीमती शर्मिला ने छात्राओं को निकट भविष्य में आयोजित होने वाले सेल्फ-डिफेंस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
इसके अतिरिक्त, जवाहर स्कूल भीनासर में भी विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन की शपथ दिलाई गई। यह शपथ श्री पवन कुमार ओझा (गायत्री परिवार) के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलावों के जरिए पृथ्वी को सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया।

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