BBT Times, बीकानेर
बीकानेर, 17 जून। बीकानेर शहर में बिजली आपूर्ति का जिम्मा संभाल रही निजी बिजली कंपनी बीकेईएसएल (BKESL) का एक और बड़ा कारनामा और लापरवाही का मामला सामने आया है। मीटर बदलने में अत्यधिक उतावली दिखाने वाली और शहर के बुनियादी ढांचे (ट्रांसफार्मर) को सुधारने से जी चुराने वाली इस कंपनी ने एक आम उपभोक्ता को ऐसा 'झटका' दिया है कि बिल देखते ही परिवार के होश उड़ गए। मामला सीधे तौर पर 'मीटर जंपिंग' और लचर बिलिंग व्यवस्था से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, जहां आधा महीना घर बंद रहने के बावजूद कंपनी ने हजारों रुपये का बिल थमा दिया। भजन गायक परवेश शर्मा के मकान का मामला, 15 दिन बाहर था परिवार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला गंगाशहर के गोपेश्वर बस्ती का है। यहाँ सीता देवी सेवग के नाम से घरेलू बिजली का कनेक्शन स्वीकृत है, जो कि सुप्रसिद्ध भजन गायक परवेश शर्मा का मकान है।
15 दिन बंद था ताला: उपभोक्ता परिवार के सदस्यों ने बताया कि वे गत 16 मई को बीकानेर शहर से बाहर किसी कार्य से गए हुए थे और 1 जून को वापस लौटे थे। यानी मई माह के कुल 30 दिनों में से पूरे 15 दिन मकान में ताला लटका हुआ था और बिजली उपकरणों का उपयोग न के बराबर था।
₹13,313 का थमाया बिल: जब 6 जून को बीकेईएसएल द्वारा मई महीने का बिल जारी किया गया, तो उसमें कुल राशि 13,313 रुपये अंकित थी। 15 दिन घर बंद रहने के बाद इतना भारी-भरकम बिल आना पूरी तरह अस्वाभाविक और तकनीकी गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।
पुरानी बिलिंग हिस्ट्री से बिल्कुल अलग, एमआरआई (MRI) की मांग
सीता देवी की पुरानी बिलिंग हिस्ट्री और ट्रैक रिकॉर्ड को देखा जाए तो इस घर का औसतन बिजली बिल हर महीने 3 से 4 हजार रुपये के बीच ही आता रहा है। इस लिहाज से मई माह का यह बिल पूरी तरह असामान्य और त्रुटिपूर्ण है।
आम उपभोक्ताओं के लिए इस भीषण गर्मी में अचानक बजट से 9-10 हजार रुपये ज्यादा का बिल आना मानसिक प्रताड़ना जैसा है। पीड़ित उपभोक्ता ने अब बीकेईएसएल के सहायक अभियंता (AEN) को लिखित शिकायत सौंपकर इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और मीटर की एमआरआई (MRI) री-रीडिंग करवाने की आधिकारिक मांग की है। सवाल: अचानक रीडिंग बढ़ने पर बिलिंग विभाग क्यों नहीं करता क्रॉस-चेक?
इस पूरे मामले ने बीकेईएसएल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
सॉफ्टवेयर अलर्ट की अनदेखी: बीकानेर में बिल जंपिंग और सॉफ्टवेयर एरर के मामले लगातार आते रहते हैं। सवाल यह उठता है कि जब किसी उपभोक्ता की औसतन खपत से अचानक 3 गुना अधिक रीडिंग सिस्टम में दर्ज होती है, तो कंपनी का बिलिंग विभाग उस बिल को रोककर मौके पर दोबारा जांच क्यों नहीं करवाता?
ग्राहकों की प्रताड़ना: जबकि वर्तमान बिल जारी करते समय उसमें पिछले महीने का पूरा विवरण और खपत का पैटर्न साफ दिखाई देता है। इस लापरवाही के कारण आम मध्यमवर्गीय परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ जाता है।
ठीक मीटर बदलने में उतावली, लेकिन नहीं बढ़ाए जा रहे ट्रांसफार्मर
गोपेश्वर बस्ती और गंगाशहर के निवासियों का कहना है कि बिजली कंपनी के प्रति आमजन की नाराजगी दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। शहर में घोषित और अघोषित बिजली कटौती का दौर लगातार जारी है, जिससे इस भीषण गर्मी में आम जनता त्रस्त है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि बीकेईएसएल कंपनी अपनी आय बढ़ाने के लिए ठीक चल रहे पुराने मीटरों को तो तुरंत बदल देती है, लेकिन शहर की बढ़ती आबादी और लोड के अनुसार नए ट्रांसफार्मर लगाने या उनकी क्षमता बढ़ाने से साफ कतराती है। अगर कंपनी समय रहते ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ा दे, तो ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज के कारण होने वाली अघोषित बिजली कटौती से जनता को काफी हद तक निजात मिल सकती है।




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