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सादगी का संदेश: आडंबरों को त्यागकर सादगी अपनाना आज के समय की बड़ी आवश्यकता है...........(आधस) परिवार

 BBT Times, बीकानेर

 


बीकानेर, 18 मार्च। आज आदि धर्म समाज (आधस) परिवार, शाखा बीकानेर के वरिष्ठ सदस्य एवं सशक्त स्तंभ परम आदरणीय श्री गंगाधर अंबेडकर एवं श्रीमती आशा वाल्मीकि ने अपने ज्येष्ठ पुत्र वीर बबन वाल्मीकि का विवाह पिंकी वाल्मीकि के साथ अत्यंत सादगीपूर्ण एवं सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ संपन्न कराया।

इस अवसर पर उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों के विरुद्ध एक प्रेरणादायक पहल करते हुए पारंपरिक रीति-रिवाजों के नाम पर मात्र ₹1 एवं नारियल ग्रहण कर दहेज-रहित विवाह का आदर्श प्रस्तुत किया। इस सराहनीय कदम के माध्यम से उन्होंने पूरे समाज को यह संदेश दिया कि बेटी कोई बोझ नहीं है, बल्कि बेटा-बेटी दोनों समान हैं। दहेज प्रथा का उन्मूलन समाज के समग्र उत्थान एवं नारी शक्ति के सम्मान के लिए अत्यंत आवश्यक है, ताकि प्रत्येक बेटी को सम्मानपूर्वक नए जीवन की शुरुआत का अवसर मिल सके।

दहेज-रहित विवाह संपन्न करने पर आदि धर्म समाज (आधस) परिवार के सभी सदस्यों ने उनके निवास पर पहुंचकर परमपिता परमात्मा महर्षि वाल्मीकि जी को नमन करते हुए नित्य नियम का पाठ किया। तत्पश्चात वर-वधू एवं उनके अभिभावकों को सम्मान स्वरूप पौधे, फूल-मालाएं एवं महर्षि वाल्मीकि जी का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही समाज उत्थान हेतु इस अनुकरणीय निर्णय का हर्षपूर्वक स्वागत किया गया तथा इस मुहिम को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों का भी स्वागत एवं सत्कार किया गया।
सम्मान समारोह में वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता ओम चांवरिया, चंद्र प्रकाश पंडित, माणक वाल्मीकि,पूनम चंद कंडारा, राजेश वाल्मीकि, मुकेश चावरिया, नवल निरंतंक, शंबूक वाल्मीकि, भगवान दास वाल्मीकि, राजेंद्र झुंझ, ओम आलोक , गोपी जादूसंगत, अनिल पंडित सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। 

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