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नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन धार्मिक और संस्कारात्मक कार्यक्रमों का विशेष आयोजन

 BBT Times, बीकानेर


 

बीकानेर, 15 मार्च। शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में शहर के तिलक नगर क्षेत्र में आयोजित नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन धार्मिक और संस्कारात्मक कार्यक्रमों का विशेष आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर यज्ञ में आहुतियां दीं और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।

यज्ञ के तीसरे दिन तीन गर्भवती महिलाओं का पुंसवन संस्कार विधि-विधान से संपन्न कराया गया। इस अवसर पर मुख्य यज्ञकर्ता गोपाल स्वामी जी ने बताया कि यह संस्कार गर्भ में पल रही संतान के उज्ज्वल संस्कारों और श्रेष्ठ व्यक्तित्व के निर्माण के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार, विशेषकर सास को इस संस्कार की जानकारी होनी चाहिए ताकि गर्भस्थ शिशु में सकारात्मक भाव, सद्भावना और सत्कर्मों के संस्कार विकसित हो सकें और परिवार में आने वाला नन्हा मेहमान श्रेष्ठ संस्कारों के साथ जन्म ले।

इसके साथ ही यज्ञशाला में दो बालकों का विद्यारंभ संस्कार भी कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बच्चों को शिक्षा के प्रथम चरण की शुरुआत कराई गई और उन्हें ज्ञानार्जन के मार्ग पर अग्रसर होने का आशीर्वाद दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान यज्ञ में उपस्थित श्रद्धालुओं को गायत्री मंत्र की दीक्षा भी प्रदान की गई। आयोजकों ने विवाहित श्रद्धालुओं से प्रतिदिन तीन माला गायत्री मंत्र जप करने तथा अविवाहितों से कम से कम एक माला जप करने का आग्रह किया। साथ ही जिनके लिए इतना संभव न हो, उनसे प्रतिदिन कम से कम 24 बार गायत्री मंत्र का जाप करने का संकल्प भी करवाया गया।

कार्यक्रम में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण का अद्भुत संगम देखने को मिला। यज्ञ में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भागीदारी रही।

इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉ. सोनाली सक्सेना ने बताया कि ऐसे संस्कारात्मक आयोजनों से समाज में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ती है। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में भी यज्ञ के अंतर्गत विभिन्न धार्मिक एवं संस्कारात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 

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