BBT Times, बीकानेर
बीकानेर, 7 अप्रैल। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर के निर्देशों की पालना में स्कूलों में कानूनी साक्षरता और संवेदीकरण के तहत माह के प्रथम सप्ताह के मंगलवार व माह के अंतिम सप्ताह के मंगलवार को स्कूली छात्र-छात्राओं को ’ट्रांसफॅामेटिव ट्यूजडेज’ के अंतर्गत साइबर सुरक्षा विषय पर काूननी साक्षरता, संवेदनशीलता जागरूकता सत्र आयोजित किये जाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं।
इन निर्देशों की पालना में बीकानेर मुख्यालय व तालुका स्तर पर समस्त न्यायिक अधिकारियों व प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारियों द्वारा सरकारी व निजी स्कूलों में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। पेन राजस्थान मोमेंट के तहत राजस्थान के 1400 न्यायाधीश अधिकारियों द्वारा 4 लाख से अधिक विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से संबंधित जागरूक करने का उद्देश्य रखा गया है।
इस अभियान के दौरान जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अश्वनी विज ने बीकानेर बॅायज स्कूल के विद्यार्थियों को साइबर अपराधों, ऑनलाइन सुरक्षा, उपायों और कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साइबर सुरक्षा से बचने के लिये अलग-अलग पासवर्ड का उपयोग करें, सॅाफ्टवेयर अपडेट रखें, और संदिग्ध ईमेल लिंक पर क्लिक न करें। सार्वजनिक वाई फाई पर बैंकिग से बचें और अज्ञात व्यक्तियों को ओटीपी या निजी जानकारी न दें। हमेशा एंटीवायरस का उपयोग करें और जागरूक रहें इत्यादि के बारे में जानकारी प्रदान की। इसी कार्यक्रम के तहत बीकानेर में रियान पब्लिक स्कूल व केम्बराईज कनवेन्ट स्कूल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव और अपर जिला एवम् सेशन न्यायाधीश श्रीमती मांडवी राजवी द्वारा साइबर क्राईम पर जानकारी प्रदान की गई।
विद्यार्थियों को साइबर अपराधों, ऑनलाइन सुरक्षा, उपायों और कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने डिजिटल युग में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के महत्त्व पर जोर देते हुए अनजान लिंक, स्टाकिंग, बुलिंग हैकिंग से बचने तथा बैंक से संबंधित जानकारी को किसी से भी साझा न करने की विशेष हिदायत दी। साईबर दुर्व्यवहार इसलिए गंभीर होता है, क्योंकि यह बहुत तेजी से फैलता है। कोई भी मैसेज, स्क्रीन शॉट, फोटो या एडिट किया हुआ वीडियो कुछ ही मिनटों में सैकड़ों लोगों तक पहुंच सकता है, के बारे में जानकारी प्रदान की। बीकानेर मुख्यालय व तालुका स्तर पर 45 सरकारी व निजी विद्यालयों में न्यायिक अधिकारीगण द्वारा साइबर सुरक्षा विषय पर जागरूकता शिविर आयोजित किये गये साथ ही विद्यालयों में ’कोर्ट वाली दीदी’ के नाम से बाल हितैषी शिकायत/सुझाव पेटी स्थापित की गई तथा साइबर फ्रॉड से बचने एवं लीगल सलाह के लिए 15100 एवं चाइल्ड हेल्पलाईन के लिये 1098 जैसे नम्बर साझा किए।


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