BBT Times, बीकानेर
बीकानेर, 7 अप्रैल। दिव्यांग बच्चों के जीवन में उम्मीद की नई रोशनी जगाने वाले दिव्यांग सेवा संस्थान, बीकानेर ने अपने 10 वर्षों के संघर्ष, समर्पण और सेवा के सफर को यादगार बनाते हुए मंगलवार को अपना 10वाँ स्थापना दिवस भावुक, प्रेरणादायक एवं गरिमामयी वातावरण में मनाया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने अपने संबोधन में संस्थान के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांग बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना केवल सेवा नहीं, बल्कि सच्चे मानव धर्म का पालन है। उन्होंने संस्थान के प्रयासों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
विशिष्ट अतिथियों में जिला उद्योग संघ अध्यक्ष डी.पी. पचीसिया, सीए सोहन लाल बैद, श्याम सुंदर सोनी, मोहन सुराणा (भाजपा नेता), चंपालाल डागा, देवकिशन पेड़ीवाल, मदन गोपाल मेघवाल (आईपीएस), संगीता टांक (प्राचार्य), विजय कुमार बालके (माइंस मैनेजर, बरसिंगसर लिग्नाइट माइंस), अशोक कुमावत, आनंद स्वामी (अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी), शेखर श्रीमाली, सुनील पुरोहित, मेघराज बोथरा, वीरा सरिता बोथरा, संतोष जी, पार्षद सरला जी, कविता यादव (आदि शक्ति फाउंडेशन), कविता शर्मा, भुवनेश यादव, नीलम जोशी, अर्चना सक्सेना, अलका पारीक (We Are Foundation), डॉ. शैफाली दाधीच, डॉ. अरुण तुनगरिया (श्री कृष्णा न्यूरोस्पाइन हॉस्पिटल), पन्नालाल चदल (सेवानिवृत्त IRS), रतन जीनगर, दिनेश जनागल, रोहिताश जी, श्याम पंचारिया (भाजपा जिला अध्यक्ष), नारायमराम बारूपाल, भगवानराम गंढेर, किशन कांटिया, डॉ. शाहनाज़ चंदाद (World Organisation of Religions and Knowledge), डॉ. रामलाल परिहार, अंबाराम इंखिया, कन्हैयालाल भाटी, अभिशेष (CSR NLC), डॉ. अंजु (मनोचिकित्सक), डॉ. कालूराम परिहार, गोरीशंकर जनागल, पार्षद भंवरलाल साहू, धर्मपाल चौहान, जुगल हटीला, डॉ. गोविंद ओझा, विजय कोचर, कामिनी भोजक (मातृ शक्ति अध्यक्ष), वंदेमातरम टीम, पिंकी जोशी, राजेंद्र एवं पुष्पा परिहार, सुरेश बांदड़ा (तहसीलदार), भूराराम, परमाराम कूकना, मांगीलाल आयच, भंवर खजोडा, रामचंद्र बारूपाल, एडवोकेट बजरंग छिपा, भूराराम इंखिया, निर्मल बरड़िया, रश्मि कल्ला (बाल विकास अधिकारी), मधु जैन सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम का मंच संचालन आरजे मयूर एवं डॉ. अमित पुरोहित ने प्रभावशाली तरीके से किया।
संस्थान के संचालक जेठा राम ने अपने संबोधन में संस्थान की स्थापना से लेकर अब तक के 10 वर्षों के संघर्षपूर्ण सफर को साझा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में महज 3–5 बच्चों से शुरू हुआ यह छोटा सा प्रयास आज सैकड़ों दिव्यांग बच्चों के जीवन में बदलाव ला रहा है। प्रारंभिक दौर में संसाधनों की भारी कमी के बावजूद समाज के सहयोग और विश्वास ने इस प्रयास को निरंतर आगे बढ़ाया।
उन्होंने बताया कि संस्थान में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ कौशल प्रशिक्षण, पुनर्वास एवं रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप कई बच्चे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार का सहारा बन रहे हैं, वहीं खेल के क्षेत्र में भी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान की प्रमुख आवश्यकता — स्थायी भूमि एवं भवन — का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इस पर जिला उद्योग संघ अध्यक्ष द्वारका प्रसाद पचीसिया ने आश्वस्त किया कि इस महत्वपूर्ण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इस प्रस्ताव का समर्थन मोहन सुराणा, चंपालाल डागा सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी किया।
कार्यक्रम में रामस्वरूप कूकना द्वारा भोजन व्यवस्था की गई, वहीं पत्रकार रोशन बाफना का विशेष सहयोग रहा। संस्थान के स्टाफ सदस्य— पूजा बारूपाल, रिद्धिमान बारूपाल, चेतना बारूपाल, तीर्थराज बारूपाल, परिना मैडम, राजेश कुमार, रोहित कुमार, मनीष कुमार, अनिल चौहान, भूपेंद्र कुमार, सुमन शर्मा, सौरभ एवं एडवोकेट महेंद्र बारूपाल— का योगदान सराहनीय रहा।
कार्यक्रम के समापन पर यह संदेश दिया गया कि सच्ची सेवा, निरंतर संघर्ष और सामूहिक सहयोग के माध्यम से दिव्यांग बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। यह आयोजन न केवल एक स्थापना दिवस था, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का सशक्त उदाहरण भी बना।


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