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आज मेरी किशोरी अवध जाती सुकुमारी, सभी सखियां लिपट-लिपट सिसकती जाती…" केसरिया हनुमान मंदिर में रामकथा के दौरान मां सीता की विदाई ने श्रद्धालुओं को किया भाव-विभोर

 BBT Times, बीकानेर



बीकानेर, 7 मई । बीकानेर स्थित प्राचीन केसरिया हनुमान मंदिर के 82वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य रामकथा महोत्सव में आज का प्रसंग श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं से परिपूर्ण रहा। कथा के दौरान मां सीता की विदाई का मार्मिक दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा स्थल पर मौजूद अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया।

कथा वाचन के दौरान जैसे ही यह भावपूर्ण पद गूंजा — “आज मेरी किशोरी अवध जाती सुकुमारी, सभी सखियां लिपट-लिपट सिसकती जाती…” — पूरा पंडाल करुण रस से भर उठा। श्रद्धालु इस प्रसंग को सुन भावुक हो उठे और कई महिलाओं की आंखों से आंसू छलक पड़े।

कथा में आगे राजा दशरथ के महल में प्रभु श्रीराम और माता सीता के नगर आगमन का भव्य वर्णन किया गया। अयोध्या नगरी में दोनों के स्वागत का अद्भुत चित्रण सुन श्रद्धालु आनंदित हो उठे। महल में दीप सज्जा, मंगल गीतों और उत्सवमय वातावरण का वर्णन सुनकर भक्तजन प्रभु के जयकारों से गूंज उठे।

लेकिन यह खुशी कुछ ही क्षणों में बदल गई जब कथा में माता कैकई के असली रूप और उनके द्वारा राजा दशरथ से दो वरदान मांगने का प्रसंग आया। कैकई द्वारा भरत के लिए राज्य और श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास मांगने की कथा सुनकर श्रद्धालु स्तब्ध रह गए। भगवान श्रीराम के वनगमन का प्रसंग सुनाते समय वातावरण अत्यंत भावुक हो गया।

इसके पश्चात प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वनवास यात्रा का वर्णन किया गया, जिसमें केवट प्रसंग ने सभी का मन मोह लिया। केवट और प्रभु श्रीराम के मधुर संवाद, उनकी भक्ति और समर्पण का वर्णन सुन श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए।

कथा वाचन कर रहे मंदिर के पुजारी पंडित केशव शुक्ल स्वयं भी भावनाओं को रोक नहीं पाए और कथा सुनाते-सुनाते भाव-विभोर हो गए। उनकी वाणी में उमड़े भावों ने कथा को और अधिक जीवंत बना दिया।

मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अंजनी कुमार शुक्ल ने बताया कि मंदिर के 82वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित यह रामकथा प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बन रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं और प्रभु श्रीराम की लीलाओं का रसास्वादन कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में रामकथा के अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों का भी मंचन एवं वाचन किया जाएगा, जिसके लिए भक्तों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

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