Header Ads Widget

 

मृदा स्वास्थ्य संवर्धन के लिए 'आपणो खेत-आपणी खाद' अभियान शुरू तीस अप्रैल तक चलेगा अभियान, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को देंगे बढ़ावा

 BBT Times, बीकानेर



मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर राज्य सरकार की पहल

प्रगतिशील किसानों, कृषि सखियों, सीआरपी, कृषक मित्रों  व नमो ड्रोन दीदी की रहेगी सहभागिता

बीकानेर 6 अप्रैल। जलवायु परिवर्तन के वर्तमान दौर में खेत की मिट्टी को स्वस्थ बनाए रखने के लिए संतुलित पोषण प्रबंध नितांत आवश्यक है। खाद एवं उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा कार्बनिक खादों के उपयोग से उत्पादन में वृद्धि के साथ कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में भी सुधार किया जा सकता है। प्रदेश में कृषकों की रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने, जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करने के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा सोमवार से 'आपणो खेत-आपणी खाद' अभियान प्रारम्भ किया गया है। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा।

यह है अभियान का उद्देश्य

उद्यान विभाग के सहायक निदेशक श्री मुकेश गहलोत ने बताया कि अभियान, किसानों को अपने ही खेत में उपलब्ध संसाधनों से जैविक खाद एवं पोषक तत्व तैयार करने के लिए प्रेरित करेगा। इससे उत्पादन में वृद्धि होगी। साथ ही कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। अभियान के तहत कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत, तरल खाद सहित प्राकृतिक खेती की विभिन्न विधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही ढेंचा, सनई, ग्वार व चवला जैसी हरी खाद के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा।

श्री गहलोत ने बताया कि अभियान के तहत जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, पंचगव्य, वर्मी कम्पोस्ट आदि जैविक खाद निर्माण की तकनीकों का प्रायोगिक प्रदर्शन भी कराया जाएगा।

प्रगतिशील किसान, कृषि सखियां, सीआरपी, कृषक मित्र व नमो ड्रोन दीदी की रहेगी सहभागिता

अतिरिक्त निदेशक (कृषि) श्री त्रिलोक कुमार जोशी ने बताया कि अभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर कृषक गोष्ठियां, रात्रि चौपालें, प्रभात फेरियां, स्लोगन एवं अन्य प्रतियोगिताएंँ आयोजित होंगी। इनके साथ ही संतुलित खाद एवं उर्वरक प्रबंध, हरी खाद, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती व अन्य जैव उत्पादित पदार्थों के उपयोग की जानकारी देकर किसानों को जागरूक व प्रोत्साहित किया जाएगा।

संयुक्त निदेशक (कृषि) श्री मदनलाल ने बताया कि इन कार्यक्रमों में कृषि विश्वविद्यालय, केवीके तथा आईसीएआर संस्थानों के वैज्ञानिकों के साथ कृषि, उद्यानिकी तथा आत्मा योजना के तहत कार्यरत सभी फील्ड स्तरीय कार्मिकों की भागीदारी रहेगी। अभियान में स्थानीय स्तर पर प्रगतिशील कृषक, नवाचारी कृषक, जैविक तथा प्राकृतिक खेती से जुड़े सफल कृषकों को आमंत्रित कर उनके विचारों को उपस्थित किसानों के मध्य साझा किया जाएगा। अभियान में जैविक व प्राकृतिक खेती से जुड़ी कृषि सखियों, सीआरपी (कम्यूनिटी रिसोर्स पर्सन) तथा कृषक मित्रों, नमो ड्रोन दीदी को भी सम्मिलित किया जाएगा।

तीस अप्रेल तक चलेगा अभियान

अतिरिक्त निदेशक कृषि श्री त्रिलोक कुमार जोशी ने बताया कि आपणो खेत-आपणी खाद अभियान 30 अप्रेल तक चलेगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य मृदा को पोषक तत्वों में समृद्ध बनाना, उर्वरकों में आत्मनिर्भर रखने के साथ जमीन में लाभकारी सूक्ष्म जीवों को बढ़ावा देना है, जिससे खेती टिकाऊ होकर फसलों की पैदावार में बढ़ोत्तरी की जा सके। इसके अंतर्गत गोबर का प्रयोग, जैविक खाद, जीवाणु खाद का उपयोग कर किसान अपनी लागत कर अधिक मुनाफा कमा सकता है। 

Post a Comment

0 Comments