BBT Times, बीकानेर
बीकानेर, 18 मार्च । राजस्थान के तेज-तर्रार और अपनी कार्यशैली के लिए लोकप्रिय आईपीएस मृदुल कच्छावा (IPS Mridul Kachhawa) ने आज बुधवार को विधिवत रूप से बीकानेर के नए जिला पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में पदभार संभाल लिया है। बीकानेर पुलिस मुख्यालय पहुँचने पर विभाग की ओर से उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया, जिसके बाद उन्होंने कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले की सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया।
प्रमुख प्राथमिकताएं: नशा तस्करी और गैंगस्टर्स पर प्रहार
पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बातचीत में एसपी कच्छावा ने अपनी कार्ययोजना स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि बीकानेर एक सीमावर्ती जिला है, इसलिए यहाँ मादक पदार्थों की तस्करी (Drug Trafficking) को रोकना और तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता रहेगी। इसके अलावा:
जीरो टॉलरेंस: जिले में सक्रिय गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी।
आमजन का भरोसा: पुलिसिंग को जनता के लिए सुलभ और भरोसेमंद बनाया जाएगा ताकि लोग बिना डरे अपराध की सूचना दे सकें।
त्वरित कार्रवाई: शहर में हाल ही में बढ़ी झपट्टा मार वारदातों और सरेराह होने वाली घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए गश्त व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा।
'रीयल' लाइफ के सिंघम की बीकानेर वापसी
मूल रूप से बीकानेर के ही निवासी मृदुल कच्छावा 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वे चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और कंपनी सेक्रेटरी (CS) जैसी कठिन परीक्षाएं पास करने के बाद पुलिस सेवा में आए थे। इससे पहले वे भरतपुर, नागौर, धौलपुर, झुंझुनूं और करौली जैसे जिलों में एसपी रह चुके हैं। धौलपुर में चंबल के डकैतों के खिलाफ उनके अभियान और नागौर में नशा तस्करों पर '25 पैसे' का इनाम रखने जैसे फैसलों ने उन्हें प्रदेश भर में चर्चा में रखा है।
क्यों है जनता को उम्मीद?
बीकानेर में पिछले कुछ समय से अवैध गैस रिफिलिंग, लूट और गैंगवार जैसी घटनाओं में बढ़ोत्तरी देखी गई है। ऐसे में कच्छावा जैसे सख्त और रणनीतिक सोच वाले अधिकारी की नियुक्ति से स्थानीय निवासियों में सुरक्षा को लेकर एक नई उम्मीद जगी है।


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