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आईसीएआर–सीआईएएच, बीकानेर में राष्ट्रीय शुष्क उद्यानिकी सम्मेलन का सफल आयोजन

 BBT Times, बीकानेर



बीबीटी टाइम्स के सम्पादक दिनेश गुप्ता की ख़बर

बीकानेर, 07 मार्च । “शुष्क उद्यानिकी पर राष्ट्रीय सम्मेलन: जैव विविधता और जलवायु अनुकूलनशीलता द्वारा टिकाऊ भविष्य का सृजन” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 26 से 28 फरवरी, 2026 तक आईसीएआर-केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान, बीकानेर में भारतीय शुष्क बागवानी सोसायटी द्वारा संस्थान के सहयोग से किया गया। इस सम्मेलन में देशभर से आए वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में उद्यानिकी के विकास से संबंधित नवीन शोध, तकनीकों और रणनीतियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में डॉ. संजय कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मंच पर अन्य विशिष्ट अतिथियों में डॉ. आर. रवि बाबू, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. वी.बी. पटेल, डॉ. जगदीश राणे , डॉ. पी.एल. सरोज तथा सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. ए. के. सिंह और डॉ. एम.के. जाटव शामिल थे। सम्मेलन में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं अनुसंधान संस्थानों से आए वैज्ञानिकों, शिक्षकों तथा शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड सहित कई सरकारी तथा निजी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की भागीदारी ने शुष्क उद्यानिकी के विकास में बहु-संस्थागत सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान वैज्ञानिकों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों द्वारा अनेक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों में नवीन शोध निष्कर्ष, उभरती प्रौद्योगिकियाँ तथा किसानों की उत्पादकता, स्थिरता और आय बढ़ाने से संबंधित व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए गए। उत्कृष्ट शोध कार्यों के लिए प्रतिभागियों को सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति तथा सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुति पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया। सम्मेलन के अंतर्गत एक विशेष किसान–वैज्ञानिक संवाद सत्र का आयोजन भी किया गया, जिसमें डॉ. जे. आर. खोजा तथा डॉ. प्रदीप कुमार ने किसानों से संवाद कर शुष्क क्षेत्रों में उद्यानिकी आधारित मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ बनाने तथा उन्नत कृषि-प्रथाओं को अपनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। सम्मेलन के प्लेनरी सत्र में डॉ. बी. डी. शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि डॉ. जयदीप डोग्ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में उद्यानिकी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कई प्रगतिशील किसानों को “उद्यान श्री” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सम्मेलन का समापन अत्यंत सकारात्मक वातावरण में हुआ। प्रतिभागियों ने इस बात पर बल दिया कि शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में सतत उद्यानिकी विकास को बढ़ावा देने तथा किसानों की आजीविका सुदृढ़ करने के लिए अनुसंधान, संस्थागत सहयोग और विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत करना आवश्यक है।

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