Header Ads Widget

 

ऊँट उत्सव पर एनआरसीसी करेगा कृषि एवं पशुधन प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन

 BBT Times, बीकानेर

                 




        

 बीकानेर 08 जनवरी । भाकृअनुप–राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (एनआरसीसी), बीकानेर द्वारा ऊँट उत्सव (09–11 जनवरी 2026) के दौरान एनआरसीसी के कैमल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में दिनांक 10 जनवरी 2026 को उन्नत कृषि एवं पशुधन प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। राजस्थान पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में एनआरसीसी में ऊँट उत्सव के उपलक्ष्य में आयोज्‍य ‘ऊँटां री बातां’ कार्यक्रम के अंतर्गत ऊँट से संबंधित विभिन्न गतिविधियाँ जैसे— ऊँट दौड़, ऊँट नृत्य, ऊँट सजावट तथा उष्ट्र फर कटिंग आदि संचालित की जाएँगी। 

एनआरसीसी के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने बताया कि यह प्रदर्शनी कार्यक्रम पशुपालकों एवं किसानों को उन्नत कृषि एवं पशुधन प्रौद्योगिकी की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने तथा उनकी आजीविका सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। साथ ही, बदलते परिवेश में ऊँट प्रजाति को ‘कैमल इको-टूरिज्म’ के रूप में प्रोत्साहित करना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है। डॉ. पूनिया ने कहा कि उष्ट्र पालन व्यवसाय में आज भी अपार संभावनाएँ विद्यमान हैं, ऊँटनी का दूध मधुमेह, क्षय रोग एवं ऑटिज़्म जैसी बीमारियों में लाभकारी सिद्ध हो रहा है तथा ऊँट के  बाल, त्वचा एवं अन्य उत्पादों की वैश्विक माँग निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि एनआरसीसी द्वारा ऊँटनी के औषधीय दूध से 25 से अधिक स्‍वादिष्‍ट व स्वास्थ्यवर्धक दुग्ध उत्पाद विकसित किए जा चुके हैं। साथ ही यह केन्द्र एक विश्व-प्रसिद्ध पर्यटनीय एवं शैक्षणिक स्थल है, जहाँ प्रतिवर्ष हजारों देशी-विदेशी पर्यटक, पशुपालक, किसान एवं विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण व प्रशिक्षण हेतु आते हैं।

एनआरसीसी की ओर से प्रधान वैज्ञानिक एवं ऊँट उत्सव कार्यक्रम के समन्वयक डॉ.राकेश रंजन ने कहा कि  केन्द्र के कैमल स्‍पोर्टस कॉम्‍पलेक्‍स में प्रातः 9.00 बजे से आयोज्य तकनीकी प्रदर्शनी कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद एवं कृषि संबद्ध समस्त संस्थानों/केन्द्रों/विश्वविद्यालयों/गैर सरकारी संगठनों आदि द्वारा उन्नत कृषि एवं पशुधन प्रौद्योगिकी संबंधी अद्यतन जानकारी को किसानों/पशुपालकों, पर्यटकों व आमजन के समक्ष प्रदर्शित करने हेतु  प्रदर्शनी/स्टॉल्स्  लगाई जाएगी। उष्ट्र प्रजाति संबद्ध नूतन प्रौद्योगिकी आदि प्रदर्शित किए जाने के प्रयोजनार्थ  ऊँट पालक, किसान, गैर सरकारी संगठन, प्रतिष्ठान भी केन्द्र से सम्पर्क कर सकते हैं। प्रदर्शनी कार्यक्रम  संबंधी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।

Post a Comment

0 Comments