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धूमावती माताओं के चेहरों पर लौटी मुस्कान, ट्रस्ट ने बांटी 1.5 लाख की वित्तीय सहायता

 BBT Times बीकानेर

 


बीकानेर | 4 जनवरी, बीकानेर की धरा पर 'नर सेवा ही नारायण सेवा' का संकल्प एक बार फिर चरितार्थ हुआ। धरणीधर महादेव मंदिर परिसर में

आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम

समारोह के मुख्य अतिथि राजूवास के कुलपति पंकज शर्मा ने ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, "आज के इस भागदौड़ भरे जीवन में जहां व्यक्ति केवल अपने परिवार तक सीमित है, वहीं यह ट्रस्ट विधवा माताओं को वित्तीय सहायता देकर उनमें आत्मविश्वास जगा रहा है।" उन्होंने इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक और सराहनीय कदम बताया।

बीकानेर है 'छोटी काशी': डॉ. सुरेंद्र वर्मा

SP मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि बीकानेर वास्तव में 'छोटी काशी' है, यहाँ का कण-कण सेवा भाव से भरा है। उन्होंने विश्वास जताया कि ट्रस्ट का यह प्रकल्प माताओं के जीवन में खुशियाँ लाने में पूरी तरह सफल रहा है।

ईश्वर की मुस्कान के समान है माताओं की खुशी

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्था के स्वामी सुखदेवानंद जी एवं प्रेमप्रकाशानंद जी ने कार्यक्रम को दिव्य बताते हुए कहा कि माताओं के चेहरे की यह मुस्कान साक्षात परमात्मा की प्रसन्नता के समान है। उन्होंने ट्रस्ट के इस अनूठे प्रकल्प का साक्षी बनने को अपना सौभाग्य बताया।

कार्यक्रम की मुख्य बातें:

  • वित्तीय सहायता: 100 माताओं को 1500-1500 रुपये की त्रैमासिक सहायता (कुल 1.5 लाख रुपये) प्रदान की गई।

  • शीतकालीन उपहार: कड़ाके की ठंड को देखते हुए भामाशाहों की ओर से माताओं को मेथी के लड्डू वितरित किए गए।

  • मार्गदर्शन: ट्रस्ट अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने बताया कि यह संपूर्ण कार्य पंडित घनश्याम आचार्य के मार्गदर्शन में संपन्न हो रहा है।

उपस्थिति: इस सेवा कार्य के दौरान साध्वी गोपिका भारती, साध्वी सुहासिनी भारती, डॉ. नवरंग लाल महावर, वीरेंद्र किराड़ू, भंवरलाल चांडक, डॉ. जितेंद्र आचार्य सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक और समाज सेवी उपस्थित रहे।

 

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