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एनआरसीसी द्वारा एनईएच योजना के तहत असम में किसान–वैज्ञानिक संवाद एवं इनपुट वितरण कार्यक्रम आयोजित

 BBT Times, बीकानेर



बीकानेर, 18 जनवरी। भाकृअनुप–राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (एनआरसीसी), बीकानेर की ओर से आज दिनांक 18 जनवरी, 2026 को असम राज्य के कामरूप जिले की रानी तहसील के जन्तीपुर, नबोपुर एवं बोरबकरा गांवों में एनईएच (उत्तर–पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र योजना) के अंतर्गत किसान–वैज्ञानिक संवाद एवं आजीविका संवर्धन हेतु इनपुट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। असम के इन गांवों में आयोजित कार्यक्रम में 300 से अधिक महिला एवं पुरुष किसानों तथा पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

इस अवसर पर एनआरसीसी के वैज्ञानिक डॉ. सागर अशोक खुलापे ने किसानों एवं पशुपालकों को पशु आधारित आजीविका के विविध आयामों, पशुपालन की वैज्ञानिक विधियों, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन तथा जलवायु-अनुकूल पशुपालन तकनीकों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की। वहीं डॉ. विश्व रंजन उपाध्याय, वैज्ञानिक ने किसानों को पशुओं के संतुलित पोषण, खनिज मिश्रण के महत्व एवं रोग-निवारण संबंधी वैज्ञानिक जानकारी दी।

इस अवसर पर वैज्ञानिकों के माध्यम से अपनी बात पहुँचाते हुए केन्द्र के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने कहा कि एनईएच योजना के माध्यम से उत्तर–पूर्वी क्षेत्र के किसानों एवं पशुपालकों की आय एवं आजीविका को सुदृढ़ करने हेतु अनुसंधान आधारित तकनीकें एवं तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

भाकृअनुप–राष्ट्रीय सूअर अनुसंधान केंद्र, गुवाहाटी, असम के वैज्ञानिकों द्वारा भी क्षेत्र में एनआरसीसी की ओर से आयोजित गतिविधियों के अंतर्गत पशुपालकों को महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। वहीं स्थानीय गणमान्य एवं प्रगतिशील पशुपालकों ने बताया कि एनआरसीसी के माध्यम से सरकार की इस योजना के तहत उपयोगी वैज्ञानिक जानकारी एवं इनपुट वितरण से उन्हें आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिला है तथा उन्होंने इसके लिए संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान एनआरसीसी की टीम, यथा— श्री मनजीत सिंह, सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी; श्री अखिल ठुकराल, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी; श्री आशीष पित्ती, वित्त एवं लेखा अधिकारी; श्री राजेश चौधरी, सहायक प्रशासनिक अधिकारी; एवं डॉ. विनोद कुमार यादव, वरिष्ठ तकनीकी सहायक ने पशुपालकों के पंजीकरण, इनपुट वितरण तथा अन्य विविध कार्यों के निष्पादन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। साथ ही किसानों को एनईएच योजना से संबंधित विभिन्न प्रावधानों, लाभों एवं सुविधाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई।

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