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राष्ट्रीय युवा दिवस: महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित हुई ' वैश्विक संदर्भों में भारतीय ज्ञान परंपरा' विषयक परिचर्चा

 BBT Times, बीकानेर




संस्कृति कर्मी डॉ. राजेश व्यास मुख्य वक्ता के रूप में रहे मौजूद
 
जीवनमूल्यों, वैज्ञानिक चेतना और तर्कशीलता की संवाहक है भारतीय ज्ञान परम्परा: डॉ. व्यास

बीकानेर, 13 जनवरी। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सोमवार को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में 'वैश्विक संदर्भों में भारतीय ज्ञान परंपरा' विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया।

इसके मुख्य वक्ता संस्कृतिकर्मी डाॅ. राजेश व्यास थे। उन्होंने कहा कि विविध विषयों के संदर्भ में भारतीय ज्ञान अत्यंत समृद्ध है। देश ने यह ज्ञान पूरी दुनिया को दिया है। इसी कारण भारत विश्वगुरु कहलाया। उन्होंने कहा कि कल्हण की राजतरंगिणी हो, चाहे जयदेव का गीतगोविन्द, सभी में भारतीय सभ्यता और संस्कृति से विश्व को परिचित करवाया गया है। 

उन्होंने आज के डिजिटल। युग में भारतीय युवा की लिखित साहित्य से बढ़ रही दूरी पर चिंता  जताई और कहा कि युवा पीढ़ी इस बात को समझे कि भारतीय ज्ञान परम्परा सिर्फ पाठ्यक्रम का हिस्सा मात्र है। यह जीवनमूल्यों, वैज्ञानिक चेतना और तर्कशीलता की संवाहक है। उन्होंने विभिन्न तर्कों और उदाहरणों से भारतीय ज्ञान परम्परा के बारे में बताया।

छात्र कल्याण अधिष्ठाता डाॅ. मेघना शर्मा ने स्वागत उद्बोधन दिया और विषय प्रवर्तन करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा को सांस्कृतिक आत्मबोध और राष्ट्रीय पहचान के लिए आवश्यक बताया। डाॅ. मेघना ने मंच से डॉ. राजेश व्यास के कृतित्व की जानकारी दी।

इससे पहले अतिथियों ने स्वामी विवेकानन्द की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। योग विभाग के विद्यार्थियों ने योगाभ्यास के माध्यम से आरोग्यता का संदेश दिया। 

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