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बाबा श्याम का भव्य एवं दिव्य श्रृंगार दिल्ली से मंगवाए गए विशेष पुष्पों से किया

 BBT Times, बीकानेर


 बीबीटी टाइम्स के सम्पादक दिनेश गुप्ता

बीकानेर, 30 दिसंबर।  पौष पुत्रदा एकादशी एवं साल की अंतिम एकादशी के पावन अवसर पर बाबा श्याम का भव्य एवं दिव्य श्रृंगार दिल्ली से मंगवाए गए विशेष पुष्पों से किया गया। बाबा का श्रृंगार आर्किड, टाटा गुलाब एवं बंगलौर बटन सहित सात रंगों के अलग-अलग आकर्षक पुष्पों से सुसज्जित रहा। यह अलौकिक श्रृंगार मुख्य पुजारी चेतन शर्मा एवं किशन शर्मा के सान्निध्य में विधिवत रूप से संपन्न हुआ।

इस अवसर पर प्रन्यास के अध्यक्ष के के शर्मा एवं महासचिव सुरेश चन्द्र भसीन ने बताया कि पौष पुत्रदा एकादशी धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी पावन तिथि पर मंदिर परिसर में नशा मुक्ति का संकल्प अभियान भी चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को नशा छोड़ने एवं दूसरों को नशे से दूर रखने की शपथ दिलाई गई।

अनन्य श्याम भक्त दीपक, सार्थक, संजय एवं हिमांशु ने अपनी जिम्मेदारी के साथ मंदिर की व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग किया। प्रन्यास के कोषाध्यक्ष ओम जिंदल ने बताया कि साल की अंतिम एकादशी एवं पौष पुत्रदा एकादशी के अवसर पर “नशा मुक्ति बीकानेर” के संकल्प को सशक्त बनाने के लिए मंदिर में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को शपथ दिलाई गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे तथा अपने घर-परिवार और गली-मोहल्ले में भी नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाएंगे।

बाबा श्याम के दरबार में इस दौरान श्रद्धालुओं की गहरी भक्ति देखने को मिली।  भक्ति से ओत-प्रोत भक्तों की आंखों से आंसुओं की अविरल धारा बहती नजर आई। कई श्रद्धालु अपने चेहरों पर “राधे-राधे” लिखवाकर बाबा के दर्शन को पहुंचे। चारों ओर इत्र की सुगंध से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।

वहीं 31 दिसंबर से प्रारंभ होने वाली श्याम कथा को लेकर भी भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर को भव्य कलश यात्रा के साथ श्याम कथा का शुभारंभ होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। नववर्ष के अवसर पर बाबा का विशेष भोग भी अर्पित किया जाएगा। साथ ही कथा अवधि में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को नशा मुक्ति बीकानेर के लिए निरंतर शपथ दिलाई जाएगी।

पौष पुत्रदा एकादशी एवं साल की अंतिम एकादशी पर बाबा श्याम के दरबार में भक्ति, संकल्प और सामाजिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। 

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