BBT Times, बीकानेर
बीकानेर, 19 अप्रैल ! नवल बस्ती, शिवबाड़ी, बीकानेर में अनुसूचित जाति (SC) के भीतर अत्यंत पिछड़ी और बुनियादी अधिकारों से वंचित जातियों (DSC) के भविष्य और संवैधानिक अधिकारों को लेकर शिवबाड़ी में एक महत्वपूर्ण 'मंथन सभा' संपन्न हुई। यह बैठक वर्ष 2026 के संकल्पों की कड़ी में दूसरी बड़ी सभा थी, जो पिछली 29 मार्च की बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसरण में आयोजित की गई।
आज़ादी के दशकों बाद भी 'अंतिम पायदान' पर खड़ा है समाज । बैठक को संबोधित करते हुए DSC बीकानेर के जिलाध्यक्ष श्री पूनमचंद कंडारा ने समाज की पीड़ा को साझा किया। उन्होंने कहा, "आज़ादी के इतने वर्षों बाद भी आरक्षण और अन्य संवैधानिक अधिकारों का लाभ समाज के उस अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुँचा है, जिसका वह हक़दार था। यह आत्म-चिंतन का विषय है कि आखिर हमारे अधिकारों की राह में कहाँ कमी रह गई।"
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी उम्मीदें, मंथन के दौरान 1 अगस्त 2024 को आए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के उस ऐतिहासिक फैसले (6-1) पर विस्तृत चर्चा हुई, जो राज्यों को अनुसूचित जाति के भीतर उप-वर्गीकरण (Sub-classification) का अधिकार देता है। समाज की टीम ने संकल्प लिया कि इस फैसले के लाभों और इसके द्वारा जीवन में आने वाले क्रांतिकारी बदलावों की जानकारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचाई जाएगी।
जिलाध्यक्ष पूनम चंद कंडारा ने बताया कि बीकानेर के प्रत्येक मोहल्ले और बस्ती में जाकर वंचित समाज को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा। डोर-टू-डोर संपर्क: घर-घर जाकर यह बताया जाएगा कि उप-वर्गीकरण क्यों जरूरी है और इससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा?
कंडारा ने भावुक होते हुए कहा कि वंचित कौम को न्याय दिलाने के लिए चाहे अपना सर्वस्व लगाना पड़े, वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने समस्त टीम का आह्वान किया कि वे एकजुट होकर इस मुहिम को निर्णायक मोड़ तक पहुँचाएँ।
संयोजक मिथुन चांवरिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को राजस्थान में अविलंब लागू करवाने के लिए हर संभव लोकतांत्रिक प्रयास और संघर्ष किया जाएगा।
इस अवसर पर DSC समाज के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता और प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
सभा में प्रमुख रूप से कुशाल चंद, माणक वाल्मीकि, राजेश द्रविड़, राजेश रावण, ख़ुशी, कपिल, अमित, राजेश वाल्मीकि, राधेश्याम, शम्भुक, अजय, त्रिलोक , मोहित, हिमांशी , वेदांत, नवल निरातंक, राजेंद्र सहित अन्य समाजबंधु उपस्थित रहे।


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