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सांस्कृतिक विरासत: भीनासर में बेटियों ने संभाली लोक संस्कृति की कमान, उत्साह से मनाई जा रही गवर-ईशर की रस्म

 BBT Times, बीकानेर

 

बीकानेर (भीनासर) , 16 मार्च।  उपनगर भीनासर अपनी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं के लिए विख्यात है। यहाँ जिस उत्साह के साथ गणगौर मेला, दशहरा और रावण दहन जैसे पर्व मनाए जाते हैं, उसी गौरवशाली परंपरा को अब नई पीढ़ी की बेटियाँ भी आगे बढ़ा रही हैं।

घर-घर गवर-ईशर की 'खोल भराई'

लोक संस्कृति को बचाने और उसे बढ़ावा देने के उद्देश्य से मोनिका पानेचा ने अपनी सहेलियों के साथ एक अनूठी पहल की है। बड़े-बुजुर्गों के पदचिह्नों पर चलते हुए ये लड़कियां मोहल्ले के प्रत्येक घर जाकर 'गवर-ईशर' की खोल भराई की रस्म निभा रही हैं। रात्रि के समय मां गवरजा के सुरीले लोकगीत गाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया है।

गोपेश्वर कृपा भवन में हुआ भव्य आयोजन

इसी कड़ी में आज नोखा रोड स्थित गोपेश्वर कृपा भवन में खोल भराई की विशेष रस्म का आयोजन मगन महाराज द्वारा किया गया। इस दौरान मगन महाराज ने सभी बालिकाओं और महिलाओं का स्वागत किया। उन्होंने गवरजा मां को मिठाई, टॉफी और श्रृंगार सामग्री अर्पित की और कन्याओं को भेंट स्वरूप राशि देकर उनका आशीर्वाद लिया।

नृत्य और लोकगीतों की रही धूम

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित बच्चियों ने राजस्थानी लोकगीतों पर मनमोहक नृत्य किया और उत्सव का आनंद लिया। इस अवसर पर:

  • स्वरूप, दीपिका, टीनू, आरती, भानु, शानवी, गुनगुन, सीमा, राधिका, यशिका, ऋषिका, वीरा और रुचिका सहित अनेक बालिकाओं ने लोक संस्कृति के इस संरक्षण अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।

"भीनासर की यह पहल दर्शाती है कि हमारी युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी हुई है और अपनी विरासत को सहेजने के लिए तत्पर है।"

 

 

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