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खेजड़ी बचाओ आंदोलन में “मोहब्बत की दुकान” बनी पर्यावरण प्रेम का प्रतीक

 BBT Times, बीकानेर

आंदोलनकारियों के लिए निःशुल्क चाय वितरित कर दिया गया प्रेम, एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

बीकानेर, 2 फरवरी। खेजड़ी के संरक्षण को लेकर चल रहे खेजड़ी बचाओ आंदोलन के दौरान आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं के  द्वारा एक अनूठी पहल की गई। आंदोलन स्थल पर “मोहब्बत की दुकान” के नाम से चाय की दुकान लगाकर आंदोलन में शामिल पर्यावरण प्रेमियों और आंदोलनकारियों को निःशुल्क चाय का वितरण कि गई।

इस पहल का उद्देश्य केवल सेवा करना ही नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश देना था कि पर्यावरण संरक्षण का आंदोलन प्रेम, सद्भाव और आपसी भाईचारे से भी लड़ा जा सकता है। “मोहब्बत की दुकान” के माध्यम से आंदोलनकारियों को यह मीठा संदेश दिया गया कि खेजड़ी जैसे जीवनदायी वृक्ष की रक्षा हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

चाय वितरण के दौरान आंदोलन स्थल पर सकारात्मक माहौल देखने को मिला। ठंड और संघर्ष के बीच यह सेवा आंदोलनकारियों के लिए ऊर्जा और उत्साह का स्रोत बनी। पर्यावरण प्रेमियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास आंदोलन को मानवीय रूप देते हैं और समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं।

इस सेवा कार्य में सुमित वल्लभ कोचर, जयदीपसिंह जावा, मनोज चौधरी, बलराम नायक, अब्दुल रहमान लोदरा, दुर्गादत गहलोत, सलिम भाटी, जुगल गहलोत, राजेश पुनिया, रुस्तम गुज़र सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी कार्यकर्ताओं ने पूरे समर्पण के साथ आंदोलनकारियों की सेवा की और खेजड़ी संरक्षण के संकल्प को मजबूत किया।

कार्यकर्ताओं ने बताया कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति, जीवन और पर्यावरण का आधार है। इसकी रक्षा के लिए जन-जागरूकता और प्रेमपूर्ण प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

“मोहब्बत की दुकान” आज आंदोलन में सेवा, संवेदना और संघर्ष का सुंदर उदाहरण बनकर उभरी। 

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