BBT Times, बीकानेर
बीकानेर, 1 जनवरी। बीकानेर के रानीबाजार औद्योगिक क्षेत्र में जल्द ही दीन-हीन, लावारिस और असहाय लोगों के लिए एक नई आश्रय स्थली 'अपनाघर आश्रम' के रूप में उभरने जा रही है। यह आश्रम प्रमुख व्यवसायी स्व. शिशुपाल कामरा और उनकी पुत्री स्व. पलक कामरा की पावन स्मृति में उनकी पत्नी संगीता कामरा द्वारा बनवाया जा रहा है।
प्रमुख विशेषताएं:
स्थान: रानीबाजार औद्योगिक क्षेत्र।
क्षेत्रफल: 2000 मीटर भूमि।
क्षमता: 100 बेड का आधुनिक और सुविधासंपन्न भवन।
उद्देश्य: लावारिस, बीमार और असहाय 'प्रभुजी' को निःशुल्क आवास, चिकित्सा और सेवा उपलब्ध कराना।
प्रशासनिक चर्चा और सरकारी सहयोग
हाल ही में संगीता कामरा, बीकानेर जिला उद्योग प्रन्यास के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया और नरेश मित्तल के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि एवं रीको क्षेत्रीय प्रबंधक एस.पी. शर्मा से मुलाकात की।
बैठक में औद्योगिक भूखंड को 'अपनाघर आश्रम' (आवासीय/सेवा प्रयोजन) के लिए निःशुल्क रूपांतरित करने पर चर्चा हुई। जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने इस नेक पहल की सराहना करते हुए प्रतिनिधिमंडल को 'राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा निवेश प्रोत्साहन योजना 2023' के तहत आवेदन करने का सुझाव दिया, ताकि भूमि रूपांतरण की प्रक्रिया सुगम हो सके।
समाज के प्रति नैतिक उत्तरदायित्व
इस अवसर पर संगीता कामरा ने भावुक होते हुए कहा:
"जीवन निर्वहन के लिए पर्याप्त संसाधनों के बाद, समाज से जो कमाया है उसे जरूरतमंदों को लौटाना हमारा नैतिक कर्तव्य है। यदि सरकार और रीको का सहयोग मिलता है, तो हम उपेक्षित वर्ग को एक सुरक्षित और सम्मानजनक छत दे पाएंगे।"
बीकानेर में 'अपनाघर' की बढ़ती भूमिका
बीकानेर जिला उद्योग प्रन्यास के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने बताया कि बीकानेर कैंसर रोगियों के लिए एक बड़ा केंद्र है, जहाँ पूरे राजस्थान से रोगी इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में अपनाघर आश्रम इन मरीजों और उनके परिजनों के लिए भी बड़ा सहारा साबित होगा। वर्तमान में जिले में तीन अपनाघर आश्रम पहले से ही सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।
अपनाघर आश्रम बीकानेर के अध्यक्ष हनुमान झंवर और उद्योगपति बेगराज नागपाल ने विश्वास जताया कि स्व. कामरा परिवार द्वारा किया गया यह दान आने वाले समय में जिले में मानवता की सेवा का प्रमुख केंद्र बनेगा।


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